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Constipation remedies: à¤à¤¯à¤‚कर कबà¥à¤œ ठीक करने की जबरदसà¥â€à¤¤ दवा है अलसी, à¤à¤¸à¥‡ खाने पर सà¥à¤¬à¤¹ पेट खà¥à¤²à¤•र होगा साफ
कबà¥à¤œ में अलसी का सेवन अचà¥à¤›à¤¾ है या नहीं, इसे लेकर लोगों के मन में उलà¤à¤¨ बनी हà¥à¤ˆ है। रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अलसी कम जोखिमों के साथ कबà¥à¤œ से राहत दिलाने का कारगार घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ा है।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठकेवल फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाना ही काफी नहीं है, बलà¥à¤•ि कà¥à¤› तरह के बीजों का à¤à¥€ सेवन करना पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› बीजों में से à¤à¤• है अलसी। ये चमकदार बीज ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन, पोटेशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मिनरल जैसे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है। इसके अलावा इसमें अलà¥à¤«à¤¾à¤²à¤¿à¤¨à¥‹à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जो सूजन के साथ हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।
लेकिन ये अलसी खाने का à¤à¤•मातà¥à¤° लाठनहीं है, बलà¥à¤•ि फाइबर का बेहतरीन सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ होने के लिहाज से इसका उपयोग कबà¥à¤œ के इलाज के लिठà¤à¥€ होता है। बावजूद इसके लोगों के मन में सवाल है, कि कà¥à¤¯à¤¾ वासà¥à¤¤à¤µ में अलसी कबà¥à¤œ के लिठअचà¥à¤›à¥€ है। तो आइठयहां हम आपको बताà¤à¤‚गे कि अलसी कबà¥à¤œ के लिठकैसे फायदेमंद है और कबà¥à¤œ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने के लिठअलसी का उपयोग कैसे करना चाहिà¤à¥¤
​कबà¥à¤œ दूर करे अलसी
कबà¥à¤œ की वजह से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में तीन से कम बार मल आता है। यह à¤à¤• आम गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤‡à¤² समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सूखा मल, पेट दरà¥à¤¦, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¤ªà¤¨ के साथ सूजन की शिकायत होती है। हालांकि दवाà¤à¤‚ कबà¥à¤œ को दूर करने के लिठकाफी असरदार हैं, लेकिन अलसी जैसे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार ने लोगों को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ में आराम दिलाया है।
विशेषजà¥à¤ž बताते हैं कि अलसी में मौजूद घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर पानी में घà¥à¤² जाता है। जिससे मल नरम पड़ने लगता है और इसे निकलने में आसानी होती है। बता दें कि à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š पिसी हà¥à¤ˆ चीनी में लगà¤à¤— 1.9 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर , डेली वैलà¥à¤¯à¥‚ का 8 फीसदी होता है।
​कà¥à¤¯à¤¾ कहता है शोध
यह जानने के लिठकि कबà¥à¤œ में अलसी फायदेमंद है या नहीं, इसके लिठà¤à¤• शोध हà¥à¤†à¥¤ शोध में 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कबà¥à¤œ वाले लोगों को हर दिन 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® अलसी का आटा या 15 मिली लैकà¥à¤Ÿà¥à¤²à¥‹à¤œ सॉलà¥à¤¯à¥‚शन दिया गया। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अंत में पाया गया कि जिन लोगों ने अलसी का सेवन किया था, उनमें काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° था। दरअसल, अलसी में फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ और फाइबर à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के साथ वजन घटाने में à¤à¥€ मदद कर सकता है।
जबकि दूसरे अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में कबà¥à¤œ और टाइप टू मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ वाले लोगों को दिन में दो बार 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® अलसी का पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤•à¥à¤¸ और 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लिठपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤¬à¥‹ का सेवन करने के लिठकहा गया। नतीजों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अलसी से बनी कà¥à¤•ीज ने न केवल कबà¥à¤œ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में बलà¥à¤•ि उनके कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² , टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ और वजन में à¤à¥€ काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° किया।
कबà¥â€à¤œ से परेशान लोगों के लिठà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤¶à¥à¤°à¥€ ने बताया रामबाण नà¥à¤¸à¥à¤–ा, आपà¤à¥€ करें टà¥à¤°à¤¾
​अलसी के अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤
अलसी सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• और डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम करती है।
मीनोपॉज वाली महिलाओं में हॉट फà¥à¤²à¥ˆà¤¶à¥€à¤œ कम कर सकती है।
अलसी की मदद से डायवरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° रोग और इरीेटेबल बॉवल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का इलाज करना आसान हो जाता है।
वेट मैनेज करने में अलसी बेहद फायदेमंद है।
डायबिटीज वाले लोगों में अलसी बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को मैनेज करने में मदद करती है।
​कबà¥à¤œ दूर करने के लिठकैसे करें अलसी का उपयोग
अलसी होल सीड, गà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤‚ड सीड और ऑयल के रूप में आसानी से मिल जाती है। आप इसे किसी à¤à¥€ रूप में ले सकते हैं। हालांकि, कबà¥à¤œ से राहत पाने के लिठआपको हर दिन 1 से 4 बड़े चमà¥à¤®à¤š अलसी का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ अलसी का तेल और साबà¥à¤¤ बीज उतने पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं है, जितना की गà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤‚ड सीड के रूप में इसे लेना।
à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ फाइबर के लिठअलसी को दलिया, सूप या अनाज में मिलाकर खाना अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है। यदि आपको ये सà¤à¥€ चीजें पसंद नहीं हैं तो दही या सà¥à¤®à¥‚दी में अलसी के बीज मिला लीजिà¤à¥¤ à¤à¤• गिलास पानी में 1 बड़ी चमà¥à¤®à¤š पिसी हà¥à¤ˆ अलसी दिन में à¤à¤• या दो बार पीने से कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ ठीक हो जाà¤à¤—ी।
​अलसी के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ से रहें सावधान-
​
अलसी बेशक कबà¥à¤œ के इलाज में फायदेमंद है, उपयोग करने के लिठà¤à¥€ पूरी तरह से सेफ है, लेकिन इसके à¤à¥€ कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हैं, जिनसे आपको सावधान रहना चाहिà¤à¥¤ अलसी का सेवन अचà¥à¤›à¤¾ है, लेकिन हर दिन इसका सेवन à¤à¤• लिमिट में ही करें। सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है कि इसे खाने के बाद खूब सारा पानी जरूर पीà¤à¤‚।
अगर आप à¤à¤¸à¤¾ नहीं करते तो कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ बढऩे में देर नहीं लगेगी। साथ ही आंतों में रूकावट के साथ दसà¥à¤¤ हो जाà¤à¤‚गे , वो अलग। NCCIH के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यदि कोई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला दूसरी या तीसरी तिमाही में अलसी का सेवन करे, तो समय से पहले जनà¥à¤® का खतरा बढ़ जाता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, अगर आप कोई दवा या अनà¥à¤¯ कोई सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेते हैं, तो अलसी का उपयोग करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात जरूर कर लें।
कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर करके, पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ठीक कर देगी यह डà¥à¤°à¤¿à¤‚
कबà¥à¤œ आमतौर पर गंà¤à¥€à¤° नहीं होता, लेकिन यह बवासीर और फेकल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकता है। हालांकि कà¥à¤› नà¥à¤¸à¥à¤–े जैसे सà¥à¤Ÿà¥‚ल सॉफà¥à¤Ÿà¤¨à¤° और जà¥à¤²à¤¾à¤¬ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दूर करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अलसी के बीज कबà¥à¤œ से राहत दिलाने में बेहद असरदार हैं, फिर à¤à¥€ यह आपके लिठसही है या नहीं, यह जानने के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
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